सम्लेंगिकिता और नीरज
इन दिनों सम्लेंगिकिता पर चल रही बहस से याद आया की १९६७ के दौरान हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि नीरजजी का गीत फिल्म नयी उम्र की नई फसल में आया था जिस के बोल थे - बस यही अपराध में हर बार करता हूँ . आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ . - तब हम लोग कालेज में पढ़ते थे और आपस में मजाक किया करते थे कि यह तो सम्लेंगिकिता के समर्थन का गीत है